LPG Gas Cylinder Update: देशभर में रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच चिंता देखी जा रही थी। कई जगहों पर अचानक बढ़ी बुकिंग और अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं को लगा कि गैस की कमी हो सकती है। हालांकि सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए केवल तीन दिनों के भीतर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, ताकि एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी रहे और किसी भी प्रकार की किल्लत पैदा न हो।
सरकार का कहना है कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और घबराकर बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे केवल जरूरत होने पर ही गैस सिलेंडर बुक करें।
बुकिंग अंतराल बढ़ाकर 25 दिन किया गया
एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग नियमों में बदलाव किया है। पहले गैस सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच कम से कम 21 दिन का अंतर होना जरूरी था, जिसे अब बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
इस फैसले का उद्देश्य उन लोगों को रोकना है जो जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर लेते हैं। सरकार का मानना है कि इससे बाजार में संतुलन बना रहेगा और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति आसानी से पहुंच सकेगी।
उत्पादन में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार घरेलू एलपीजी उत्पादन में पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी से वृद्धि की गई है। 5 मार्च से अब तक गैस उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि देश के सभी गैस वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कहीं भी सप्लाई खत्म होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है।
अफवाहों से बचने की अपील
ऊर्जा मंत्रालय की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। कई जगहों पर यह देखा गया कि लोगों ने घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे बुकिंग की संख्या अचानक बढ़ गई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी गैस बुकिंग
सामान्य परिस्थितियों में देशभर में रोजाना लगभग 55.7 लाख एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग होती है। लेकिन पिछले दो हफ्तों में यह संख्या अचानक काफी बढ़ गई।
12 मार्च को एक ही दिन में करीब 75.7 लाख सिलेंडर बुक किए गए, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी वास्तविक जरूरत के कारण नहीं बल्कि घबराहट में की गई बुकिंग के कारण हुई है।
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को राहत
सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को भी बड़ी राहत दी है। खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई में 20 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा देने का फैसला किया गया है।
पिछले कुछ दिनों में कई होटल और ढाबों को गैस की कमी का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कुछ जगहों पर मेन्यू तक बदलने पड़े। अब अतिरिक्त कोटा मिलने से इस क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
19 किलो सिलेंडर की सप्लाई के लिए विशेष समिति
कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत को दूर करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की एक विशेष समिति बनाई गई है। इस समिति का काम सप्लाई चेन की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी न हो।
इस समिति के माध्यम से गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है ताकि जरूरत के अनुसार तुरंत सप्लाई बढ़ाई जा सके।
PNG गैस अपनाने की सलाह
सरकार ने उन परिवारों से भी अपील की है जो पाइप के माध्यम से मिलने वाली रसोई गैस यानी पीएनजी नेटवर्क के पास रहते हैं। ऐसे करीब 60 लाख परिवारों से कहा गया है कि वे पीएनजी कनेक्शन का उपयोग करें।
पीएनजी का इस्तेमाल बढ़ने से एलपीजी सिलेंडर पर दबाव कम होगा और सप्लाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से संतुलित किया जा सकेगा।
तेल कंपनियों को अतिरिक्त LPG देने का आदेश
सरकार ने अतिरिक्त उत्पादन वाली एलपीजी को प्रमुख तेल कंपनियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन कंपनियों में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited शामिल हैं।
इन कंपनियों को अतिरिक्त गैस उपलब्ध कराने का उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना है, ताकि किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी न हो।
पेट्रोल और डीजल को लेकर भी स्थिति सामान्य
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता करीब 258 मिलियन मीट्रिक टन है और देश इन ईंधनों के उत्पादन में लगभग आत्मनिर्भर है।
देश की सभी रिफाइनरियां इस समय 100 प्रतिशत या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भी सप्लाई सुरक्षित
मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद भारत की गैस सप्लाई पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। हाल ही में Iran ने भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी टैंकर जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति दी है।
ये जहाज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति होती है।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य एलपीजी सप्लाई को स्थिर बनाए रखना और घबराहट में हो रही बुकिंग को रोकना है। उत्पादन बढ़ाने, बुकिंग नियम बदलने और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे फैसलों से आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल जरूरत होने पर ही गैस सिलेंडर बुक करें, ताकि सभी लोगों तक गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंचती रहे।










